विजय - नोटिस जारी
बड़े पैमाने पर भूमि कब्ज़े के मामले में सैयद अहमद बुखारी को अदालत में चुनौती। समन जारी।
जामा मस्जिद से जुड़े अतिक्रमण

भूमि और अतिक्रमण के सवाल पर न्यायिक मोर्चा आगे बढ़ा।
- अगली सुनवाई: 29 अक्टूबर 2026
प्रकरण का विवरण
दिल्ली की एक जिला अदालत ने 17 सितंबर 2026 को सैयद अहमद बुखारी से सीधे जुड़े बड़े पैमाने पर भूमि कब्ज़े के मामले में कई प्रतिवादियों को समन जारी करने का आदेश दिया। वाद कार्यकर्ता प्रीत सिरोही द्वारा स्थापित सेव इंडिया फ़ाउंडेशन ने दायर किया है।
तीस हज़ारी अदालत ने आठ प्रतिवादियों को समन देने का निर्देश दिया: सैयद अहमद बुखारी; इमाम अब्दुल्लाह बुखारी अस्पताल; इमाम अब्दुल्लाह बुखारी मेडिकल सेंटर; कार पार्किंग जामा मस्जिद दिल्ली फ़ाउंडेशन ट्रस्ट; मुख्य सचिव के माध्यम से दिल्ली सरकार; जिलाधिकारी, मध्य; लोक निर्माण विभाग, दिल्ली सरकार; और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड।
सितंबर 2026 के विवरण में अगली सुनवाई की तारीख 29 अक्टूबर 2026 दर्ज थी।
इस आदेश का महत्व
यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक कदम है। प्रतिवादियों को अब अदालत में वाद का औपचारिक उत्तर देना होगा। जामा मस्जिद के आसपास की सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कानूनी लड़ाई आगे बढ़ी है।
27 अगस्त को राष्ट्र ज्योति ने विशेष रिपोर्ट में सेव इंडिया फ़ाउंडेशन के दो मुकदमों का खुलासा किया था। इनमें बुखारी और संबद्ध संस्थाओं पर दिल्ली जामा मस्जिद परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर सार्वजनिक भूमि कब्ज़ाने का आरोप है।
रिपोर्ट यहाँ पढ़ें: https://rashtrajyoti.com/rashtra-jyoti-exclusive-delhi-jama-masjid-syed-ahmed-bukari-encroachment-save-india/
मुकदमों के अनुसार अवैध ढाँचों में स्थायी आवासीय निर्माण, अस्पताल, मेडिकल सेंटर, सशुल्क कार पार्किंग, ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और तीन सार्वजनिक पार्कों पर कब्ज़ा शामिल है।
मुकदमे इन मंचों पर दायर किए गए:
1. जिला एवं सत्र न्यायालय, मध्य जिला, तीस हज़ारी Save India Foundation & Anr. v. Syed Ahmed Bukhari & Ors
2. राष्ट्रीय हरित अधिकरण, प्रधान पीठ, नई दिल्ली Save India Foundation v. Deputy Commissioner, City S.P. Zone, MCD & Ors.
इस घटनाक्रम से दो सप्ताह पहले दिल्ली के अधिकारियों ने एनजीटी में दायर दूसरे वाद में बताए गए कथित अवैध ढाँचों के एक बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया था।