यह लेख वैदिक संस्कृत विद्वान एवं आईआईटी-आईआईएम स्नातक संजीव नेवर द्वारा लिखा गया एक सोशल मीडिया पोस्ट है, जो यहाँ देखा जा सकता है।
१. शहीद (इस्लामी युद्ध में मरने वाला ही शहीद होता है)
उचित शब्द – हुतात्मा, वीर, वीरगत, बलिदानी, अमर
२. औरत (यह शब्द स्त्री के लिए गाली से निकृष्ट है। सभ्य समाज में इस पर प्रतिबंध होना चाहिए।
उचित – स्त्री, महिला, नारी, देवी, माँ (बहुत भाषाओं में बेटी के लिए भी माँ का प्रयोग होता है)
३. हिसाब (वह प्रक्रिया जिसके द्वारा यह निर्णय किया जाएगा कि कौन जन्नत जाएगा और कौन जहन्नुम)
उचित – गणना, गिनती, अंकण, लेखा, लेखा जोखा, कलना (इसी से Calculation बना है)
४. आखिर (उनके लिए जो कयामत और संसार के अंत को मानते हैं)
उचित – अंतिम, अंत में
५. सही (वह जो इस्लाम के मोमिनों द्वारा मान्य हो)
उचित – उचित, सत्य, वास्तविक, सच्चा, सच, सच्ची
६. कुदरत (जो अल्लाह ने जादू से बनाया)
उचित – प्रकृति
७, ८. नसीब, किस्मत – जो अल्लाह ने पहले ही लिख दिया लोेहे महफूज में
उचित – भाग्य (जो कर्म से ही बनता है), दैव, संयाग, विधि का विधान
९. कानून – जो नियम अल्लाह ने बना दिए
उचित – नियम, विधि, विधान, दण्डनीति
१०. वक्त (जो समाप्त हो जाएगा कयामत के बाद)
उचित – समय, काल (जिसका न आदि है न अंत)
११. किताब – जो अल्लाह ने आसमाँ से डाउनलोड कर दिया
उचित – पुस्तक, ग्रंथ
१२. जरूरी – जो जन्नत पाने के लिए आवश्यक हो
उचित – आवश्यक, अपरिहार्य, महत्त्वपूर्ण, प्रधान
१३. ईमानदार (जो अल्लाह पर ईमान लाए)
उचित – सत्यनिष्ठ, सत्यवादी, सात्त्विक, सच्चा, निष्ठावान, साधु, धार्मिक, कर्त्तव्यपरायण, कर्तव्यनिष्ठ
१४. रूह (पता नहीं क्या है)
उचित – आत्मा
(भूत का अर्थ अतीत है। ये डराने वाली भटकती आत्मा वैदिक धर्म का भाग नहीं है)
१५. इंसान
उचित – मनुष्य, मानव, व्यक्ति
१६. चीज
उचित – वस्तु, पदार्थ (अधिकांश में वाक्य से चीज हटा दो। अर्थ भी वही रहेगा और वाक्य और सभ्य बन जाएगा।
उदाहरण – “वह क्या चीज है” से “वह क्या है” अधिक सभ्य है)
१७. मेहनत – परिश्रम, श्रम, पुरुषार्थ
१८. दिल – मन, ह्रदय
१९, २०. मुहब्बत/ इश्क – प्रेम, स्नेह, प्रीति, प्यार

