यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते ।।3.21।। श्रीमद्भगवद्गीता
1. जैसे रोल मॉडल आप समाज के आगे साथ फोटो खिंचवा के प्रस्तुत करते हो चाणक्य नीति के नाम पर, वैसा ही समाज का आचरण हो जाता है।
2. और जैसे समाज का निर्माण आप इस प्रकार कर देते हो, वैसे ही आपके वोटर बन जाते हैं। अतः सार्वजनिक रूप में हिन्दू-विरोधी, अश्लील, व्यभिचार को गौरव समझने वालों, बॉलिवुड के दुराचारियों के साथ Optics आपके आधार का ही सर्वनाश कर देता है।
3. DNA समस्त मानव जाति का एक है। इसका अर्थ नहीं की घर के द्वार हर किसी चरित्रहीनता को ही धंधा बनाने वालों के लिए खोल दिए जाए। यह सनातन मर्यादा, राम की मर्यादा एवं कृष्णनीति के विरुद्ध है।
4. आंतरिक पाप से सब लड़ते रहें। किन्तु अपने बच्चों को मत प्रेरित करें की – ये अंकल पोर्न-नंगापा में उस्ताद हैं, किन्तु हैं धुरंधर, इसलिए बहुत अच्छे हैं। बाद में पश्चाताप करेंगे। देश के हर बच्चे को अपना बच्चा समझें।
5. शेष, जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। मरते विवेक का प्रथम चिन्ह कुसंग होता है। कैंसर से भी घातक कोई रोग है तो कुसंग। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जय
यह लेख वैदिक संस्कृत विद्वान एवं आईआईटी-आईआईएम स्नातक संजीव नेवर द्वारा लिखा गया एक सोशल मीडिया पोस्ट है, जो यहाँ देखा जा सकता है।

